यूपीएससी नोट्स क्यों और कैसे बनायें


 UPSC NOTES क्यों और कैसे बनाएं?


ये सवाल काफी परेशान करता है शुरुआत में। किताब लेकर बैठो तो जैसे हर पंक्ति महत्वपूर्ण ही लगती है। किसे लिखे किसे छोड़ें कितना लिखें किस रूप में लिखें समझ नही आता।


नोट्स बनाना भी उतना ही जरुरी है जितना जंग से पहले तलवार पर धार चढ़ाना या बंदूक साफ़ करना।


कुल मिलाकर देखें तो हमारे नोट्स ही हमारा अंतिम आसरा होते हैं जिनकी सरलता, सुलभता और शुद्धता पर हमारी कामयाबी (खासकर PT +MAINS में) निर्भर करती है।


ज्यादा अनुभव तो नही पर शायद इस पोस्ट से मदद मिल सके।


नोट्स बनाने का उद्देश्य एवं लाभ


1. दोहराने में आसानी

2. पढ़कर लिखने से याद ज्यादा देर तक रहता है।

3. लिखने का अभ्यास होता है जो सिविल सेवा परीक्षा में बहुत जरुरी है।

4. CONFUSION नही रहता, कोई जरुरी पॉइंट छूटता नही।

5. बार-बार मोटी-मोटी किताबें नही पढ़नी पड़ती।

6. CONFIDENCE आता है और पता चलता है कितना सिलेबस पूर्ण हो चुका।

7. समावेशी ज्ञान विकसित होता है जो बहुत जरुरी है।

8. दिमाग केंद्रित रहता है भटकाव से बचने में आसानी होती है (खुद से नोट्स बनाएं तो)

9. सबसे बड़ा फायदा की कोई नुक्सान नही है, समय का सदुपयोग ही होता है।

10. साफ़-सुथरा, स्पष्ट और तेज लिखने की आदत पड़ती है जो अत्यंत आवश्यक है।


नोट्स बनाएं कैसे?


1. नोट्स हमेशा सादा कागज़ पर बनाना बेहतर है जिसमे 2 या 3 रंगों के कलम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए (टॉपिक, मेन पॉइंट्स और सामान्य लाइन्स के लिए अलग-अलग)


2. अगर कॉपी या रजिस्टर के बजाये खुले कागज़ (A4 SHEETS) पर नोट्स बनाये तो बेहतर है (विशेषकर ऐसे विषयों के जिनमे लगातार UPDATION की जरुरत होती है जैसे- ECONOMIC DATA, CURRENT AFFAIRS, IR, THE HINDU NOTES ETC) ताकि UPDATED DATA टॉपिक्स में संलग्न किया जा सके। अगर कॉपी में भी बनाते हैं तो VARIABLE TOPICS के लिए 1-2 पेज छोड़ते चलें।


3. संक्षेपण की कला जरुरी है ताकि बड़े-बड़े पंक्तियों को भी कुछ शब्दों में समेट सकें।

जैसे- 

मूल पंक्ति- सिन्धु घाटी की प्रमुख विशेषता इसकी नगर निर्माण की योजना है। भवन ग्रिड पद्धति से बने थे तथा सड़कें एक-दुसरे को समकोण पर काटती थीं। नगर पूर्वी तथा पश्चिमी दो भागों में विभक्त थे। पश्चिमी भाग छोटा किन्तु ऊँचाई पर बना था जिसे नगर दुर्ग कहा गया है। यहाँ संभ्रांत लोग रहते थे तथा जनसामान्य वर्ग पूर्वी हिस्से में जो बड़ा किन्तु निचले हिस्से में था, रहते थे।


नोट्स में- सिन्धु घाटी-विशेषता-नगर योजना-2 भागों में (पूर्वी-बड़ा-निचला हिस्सा-सामान्य लोग, पश्चिमी-छोटा-ऊँचा-दुर्ग-विशेष लोग) भवन-ग्रिड, सड़कें समकोण।

+916393086475

Sachin Mishra Official.....

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